हमारे देश में शिक्षा रोजगार का पर्याय है|इसलिए शिक्षा से जुड़ने वाले अधिकांश बच्चों एवं अभिभावकों का ध्येय नौकरी हासिल करना है| ज्ञान की परवाह शिक्षक और सरकार को भी नहीं है| इसलिए डाक्टर,इंजीनियर,आई ए एस आदि बनाने कि फैक्ट्री इस देश में काम कर रही है और इन पदों को इतना दुरूह एवं कठिन बना दिया गया है कि इसमें गरीब आदमी का प्रवेश सबसे कम है| फिर शिक्षा का महत्त्व क्या है?अधिकांश सरकारी विद्यालयों में शिक्षा मिड डे मिल के जरिए पेट भरने का साधन मात्र है| जो बच्चे सरकारी स्कूल पहुँच गए हैं उनके शिक्षा का स्तर क्या है?देश की आधी आबादी वास्तविक शिक्षा से बेदखल है और यह गहरी साजिश है ताकि गरीब गरीब बने रह सकें ताकि कायम रह सके गरीबों का हक़ मारने का धंधा और चमकती रह सके देश की राजनीति|
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