Translate

Saturday, 19 July 2014

पिता का होना

पिता का होना आसमान का साथ होना है और माता का होना धरती का साथ होना है| जैसे धरती आसमान के बिना अधूरी है,वैसे ही माता-पिता का भी अकेले होना अधूरापन है| हमारे पैर धरती के सहारे बेशक मजबूती से चलें पर आसमान सिर पर न हो तो खुद के  चलने पर भी भरोसा कम हो जाता है| पिता का न होना इसी भरोसे को ताउम्र स्वयं में तलाशना है| 

No comments:

Post a Comment