दूसरे की ज़ुबान बोलने से बेहतर है चुप रहना।
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Saturday, 10 November 2018
Wednesday, 7 November 2018
Wednesday, 31 October 2018
Thursday, 25 October 2018
आंदोलन
कोई भी आंदोलन उसी समय असफ़ल हो जाता है जब उस आंदोलन के बहाने लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने लगते हैं।
Wednesday, 24 October 2018
Monday, 22 October 2018
Sunday, 21 October 2018
Saturday, 20 October 2018
लेखक
एक लेखक के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है जब उसकी नैतिक पराजय की वजह से लोग उसे पढ़ना बंद कर दें।
Friday, 19 October 2018
Friday, 12 October 2018
Wednesday, 5 September 2018
Monday, 3 September 2018
जिंदगी
जिंदगी में सबसे बड़ी कीमत स्वतंत्रता की है और हम गुलामी को ही जिंदगी समझने की भूल कर देते हैं ।
Sunday, 2 September 2018
Saturday, 1 September 2018
Thursday, 30 August 2018
आत्मावलोकन
दूसरे को सुधारने में जब आप खुद बिगड़ने लगें तब थोड़ा ठहर कर आत्मावलोकन करने की भी जरूरत है।
Monday, 27 August 2018
Sunday, 26 August 2018
Wednesday, 22 August 2018
समझदार
समझदार लोगों के पीछे कभी नासमझ की भीड़ हुआ करती थी अब नासमझ के पीछे मुस्तैद रहने में ही कुछ समझदार अपनी समझदारी समझने लगे हैं।
Monday, 20 August 2018
Thursday, 16 August 2018
नैतिक पराजय
संवेदनशीलता से संवेदनहीनता की ओर उन्मुख होते समाज में अब हृदयविदारक खबरें भी हृदय को द्रवित नहीं करतीं। पत्थर दिल होती मनुष्यता के लिए इससे बड़ी नैतिक पराजय और क्या होगी?
Tuesday, 14 August 2018
खतरा
आसमान के खतरे की वजह से चिड़िया को पिंजड़े में कैद कर देने से भी उसके पंख खो जाने का खतरा बना रहता है।
Thursday, 26 July 2018
Saturday, 30 June 2018
बलात्कारी मानसिकता
राजनीति बलात्कार के पक्ष-विपक्ष में नहीं बल्कि बलात्कारी के पक्ष-विपक्ष में हो रही है इसलिए भी बलात्कारी मानसिकता पाँव पसारती जा रही है।
Saturday, 16 June 2018
Monday, 11 June 2018
Sunday, 10 June 2018
Saturday, 9 June 2018
Thursday, 7 June 2018
सुख-सुविधाएं
आधुनिक सुख-सुविधाओं ने सोने के पिंजरे सा जीवन तो दे दिया है परंतु खुला आकाश छीन लिया है।
Wednesday, 6 June 2018
कुव्यवस्था
व्यवस्था विरोध जब व्यक्तिगत विरोध का रूप ले लेता है तब समाज में कुव्यवस्था व्याप्त हो जाती है।
शिक्षा व्यवस्था
कैरियर की महत्वाकांक्षा में बच्चों से उनका बचपन छीन लेना एक प्रकार की सामाजिक क्रूरता ही है।
Monday, 4 June 2018
Sunday, 3 June 2018
आधी आबादी का सच
बेटी का जन्म किसी हीनता का परिचायक नहीं परंतु बेटियों के प्रति घृणित सामाजिक सोच एवं भयाक्रांत वातावरण की वजह से लोग बेटी के पवित्र जन्म को भी अपराध मानने लग जाते हैं|
Friday, 1 June 2018
सृजन
सृजन अगर स्वयं के लिए हो तो वह स्वयं को भी समृद्ध करता है और लोक को भी अन्यथा रचना से दुनिया चाहे बदल जाए,रचनाकार नहीं बदल पाता|
जिंदगी
कुछ लोग जिंदगी में ऐसे होते हैं जिनसे मिलकर जिंदगी में जान आ जाती है वरना जिंदगी बेजान वक्त के सहारे कटती रहती है।
Thursday, 31 May 2018
Wednesday, 30 May 2018
आत्मविश्वास
कई बार गरीबों को भोजन,आवास,सुविधाएँ देने से ज्यादा जरुरी आत्म विश्वास देना होता है ताकि सब कुछ वे अपने बलबूते हासिल कर सकें|
Tuesday, 29 May 2018
Sunday, 27 May 2018
सांविधानिक पद
किसी भी सांविधानिक पद का माखौल उड़ाना संविधान की मर्यादा एवं जन भावनाओं का मज़ाक उड़ाना भी है।
Sunday, 20 May 2018
Thursday, 17 May 2018
Wednesday, 16 May 2018
न्याय-अन्याय
न्याय-अन्याय का फासला इतना भर है कि खुद के हित में हो तो न्याय दूसरे के हित में हो तो अन्याय।
Tuesday, 15 May 2018
Monday, 14 May 2018
खुशियाँ
कई बार बड़े घर में भी खुशियाँ उदास हो जाती हैं इसलिए घर बेशक छोटा हो पर खुशियाँ बड़ी होनी चाहिए।
Sunday, 13 May 2018
Sunday, 6 May 2018
दृष्टि
समाज में अमूमन दो ही दृष्टि प्रचलित है एक देव दृष्टि और दूसरी दानव दृष्टि। जिसे हम देव दृष्टि से देखते हैं उसके दानत्व को भूल जाते हैं और जिसे दानव दृष्टि से देखते हैं उसके देवत्व को भूल जाते हैं।
Monday, 30 April 2018
Saturday, 28 April 2018
Saturday, 21 April 2018
Thursday, 19 April 2018
Tuesday, 17 April 2018
रिश्ते
कुछ रिश्ते पहाड़ की तरह होते हैं अगर आप उस रिश्ते के पार देखने की क्षमता नहीं रखते हैं तो आप उस रिश्ते को खो देते हैं।
Monday, 16 April 2018
Friday, 13 April 2018
Thursday, 12 April 2018
विरोध
आज के परिवेश में विरोध मुद्दों एवं विचारधाराओं के लिए नहीं बल्कि दूसरे को नीचा गिराने के लिए हो रहा है इसलिए दूसरे की अपेक्षा स्वयं बड़ी लाइन खींचने की गुंजाइश ही खत्म हो गई है।
Wednesday, 11 April 2018
Tuesday, 10 April 2018
Monday, 9 April 2018
संबंध
जब किसी व्यक्ति और गुणवत्ता के चयन के बीच संबंध आ जाता है तब अक्सर वह गुणवत्ता पर हावी हो जाता है।
Sunday, 8 April 2018
धन
कई बार अथाह धन कमाने के वाबजूद हम निर्धन रह जाते हैं क्योंकि उस धन को कमाने में हम अपना सम्मान खो देते हैं।
Friday, 6 April 2018
Tuesday, 3 April 2018
Thursday, 29 March 2018
Wednesday, 28 March 2018
Wednesday, 28 February 2018
Tuesday, 30 January 2018
व्यवस्था विरोध
व्यवस्था विरोध अक्सर व्यक्तिगत विरोध में तब्दील हो परस्पर आरोप-प्रत्यारोप एवं घृणा का शिकार हो जाता है एवं अपना मूल अर्थ खो देता है।
Saturday, 20 January 2018
Friday, 19 January 2018
मुद्दे
मुद्दे अफ़ीम की तरह हो गए हैं । जनता को नशे की तरह आंदोलित करते हैं और फिर जेहन से उतर जाते हैं।
Thursday, 18 January 2018
नाकामयाबी
कई बार वक्त के किसी ख़ास मुक़ाम पर लोग अपनों के लिए अनजान बन जाते हैं और बदलते वक्त में वे अपनों की निग़ाह में अनजान हो जाते हैं। इस तरह तमाम क़ामयाबी के बाद भी लोग अपने जीवन में ही नाकामयाब हो जाते हैं।
Wednesday, 17 January 2018
Tuesday, 16 January 2018
Saturday, 13 January 2018
रास्ता
कई बार आपकी बात तो सही होती है पर अपनी बात कहने के लिए आप रास्ता गलत अख़्तियार कर लेते हैं और सही होते हुए भी ख़ुद को ग़लत साबित कर देते हैं।
Thursday, 11 January 2018
Sunday, 7 January 2018
कसाई
बकरे की नज़र में कसाई तब तक महान बना रहता है जब तक कि दूसरे बकरे उसके सामने कटते रहते हैं और वह बचा रहता है।
Saturday, 6 January 2018
Friday, 5 January 2018
पहचान
नदी से नाराज़ होकर अलग होने वाले जलाशय अक्सर अपने अस्तित्व से कट जाते हैं और बारिश की बूंदों के मोहताज़ होकर अपनी पहचान खो देते हैं।
Tuesday, 2 January 2018
Monday, 1 January 2018
प्रेम
प्रेम की खूबसूरती यह है कि वह बेशर्त एवं बेपनाह होता है और जहाँ शर्त एवं सीमाएं होती हैं वहाँ प्रेम नहीं होता।
विवेक शून्यता
किसी को पसंद-नापसंद करने की आपकी व्यक्तिगत सोच-समझ पर जब दुनियावी प्रवृति हावी होने लगती है तब आप अपनी विवेक शून्यता की ओर अग्रसर होने लगते हैं।
बाजी
कई बार आपको अपने सबसे कमजोर साथी पर ही सबसे ज्यादा भरोसा करना पड़ता है क्योंकि वही उस वक्त हारी हुई बाजी पलटने में सक्षम होता है।
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