Translate

Saturday, 10 November 2018

ज़ुबान

दूसरे की ज़ुबान बोलने से बेहतर है चुप रहना।

Wednesday, 7 November 2018

धूप

कई बार पौधों को धूप चाहिए होती है और हम पानी डाल रहे होते हैं।

Wednesday, 31 October 2018

घर

घर सब कुछ लेकर जाते हैं हम सब सिवाय अगाध प्रेम के।

Thursday, 25 October 2018

आंदोलन

कोई भी आंदोलन उसी समय असफ़ल हो जाता है जब उस आंदोलन के बहाने लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने लगते हैं।

Wednesday, 24 October 2018

सुकून

अपने घर को जाने वाला हरेक रास्ता बड़ा सुकून देता है बेशक वह दूर व मुश्किल क्यों न हो।

Monday, 22 October 2018

रिश्ता

दो रिश्तों की लड़ाई में हासिल तो कुछ खास नहीं होता, आप गंवाते बहुत कुछ हैं।

Sunday, 21 October 2018

ग़ुलाम

जीवन को किसी विचारधारा का ग़ुलाम बना लेना पिंजरे में बंद हो आसमान को कोसना है।

Saturday, 20 October 2018

लेखक

एक लेखक के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है जब उसकी नैतिक पराजय की वजह से लोग उसे पढ़ना बंद कर दें।

Friday, 19 October 2018

संबंध

संबंध हार कर बहस जीत जाना भी हार ही है ।

Friday, 12 October 2018

बदलना

इस दुनिया में किसी को बदलना बहुत ही कठिन है यहाँ तक कि खुद को भी।

Wednesday, 5 September 2018

प्रतिभा

कई बार आपकी प्रतिभा से दुनिया तो अचंभित रहती है किंतु आप स्वयं अनजान बने रहते हैं।

Monday, 3 September 2018

जिंदगी

जिंदगी में सबसे बड़ी कीमत स्वतंत्रता की है और हम गुलामी को ही जिंदगी समझने की भूल कर देते हैं ।

Sunday, 2 September 2018

सफलता

कई बार सफलता जब मिलती है तब वह उसके चाहने वालों के अभाव में असफल और अर्थहीन हो जाती है|

Saturday, 1 September 2018

जुदा

हर व्यक्ति के साथ जुड़े भाव एवं संवाद के मायने अलग होते हैं जो उस व्यक्ति के साथ ही जुदा हो जाते हैं।

भाव

जब आप निराशा और कटुता के भाव में जीने लगते हैं तब आप मन से भी मरने लगते हैं।

Thursday, 30 August 2018

आत्मावलोकन

दूसरे को सुधारने में जब आप खुद बिगड़ने लगें तब थोड़ा ठहर कर आत्मावलोकन करने की भी जरूरत है।

Monday, 27 August 2018

कमियां

प्यार कमियों को नजरअंदाज करता है और नफ़रत कमियां ही ढूंढ़ता है।

Sunday, 26 August 2018

साख

कई बार व्यक्ति अपनी साख खो कर वही करता है जो इज्जत बचा कर पहले कर सकता था।

Wednesday, 22 August 2018

समझदार

समझदार लोगों के पीछे कभी नासमझ की भीड़ हुआ करती थी अब नासमझ के पीछे मुस्तैद रहने में ही कुछ समझदार अपनी समझदारी समझने लगे हैं।

Monday, 20 August 2018

ख़ेमेबाजी

पक्ष-विपक्ष की ख़ेमेबाजी में निष्पक्षता का मूल्य ही खत्म हो गया है।

Thursday, 16 August 2018

नैतिक पराजय

संवेदनशीलता से संवेदनहीनता की ओर उन्मुख होते समाज में अब हृदयविदारक खबरें भी हृदय को द्रवित नहीं करतीं। पत्थर दिल होती मनुष्यता के लिए इससे बड़ी नैतिक पराजय और क्या होगी?

Tuesday, 14 August 2018

खतरा

आसमान के खतरे की वजह से चिड़िया को पिंजड़े में कैद कर देने से भी उसके पंख खो जाने का खतरा बना रहता है।

Thursday, 26 July 2018

दिल

आप खुद को चाहे जितना बड़ा समझें अगर आप अपना दिल बड़ा नहीं कर पाते हैं तो आप छोटे ही हैं।

Saturday, 30 June 2018

बलात्कारी मानसिकता

राजनीति बलात्कार के पक्ष-विपक्ष में नहीं बल्कि बलात्कारी के पक्ष-विपक्ष में हो रही है इसलिए भी बलात्कारी मानसिकता पाँव पसारती जा रही है।

Saturday, 16 June 2018

समझना-समझाना

दूसरे को समझाना और खुद को समझना जितना आसान है उतना ही मुश्किल भी।

Monday, 11 June 2018

नौकरी

नौकरी हम जीवन के लिए शुरू करते हैं और फ़िर नौकरी ही जीवन हो जाता है।

Sunday, 10 June 2018

विश्वास

विश्वास का टूटना ही रिश्तों का बिखर जाना है।

धर्म

बेशक मंदिर-मस्जिद टूट जाएं परंतु धर्म की रक्षा अंततः आपसी प्रेम को बनाए रखने में ही है।

Saturday, 9 June 2018

शक्ति

जब तक चुनौतियों से जूझने की शक्ति है तब तक चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

Thursday, 7 June 2018

सुख-सुविधाएं

आधुनिक सुख-सुविधाओं ने सोने के पिंजरे सा जीवन तो दे दिया है परंतु खुला आकाश छीन लिया है।

नासमझी

अर्थहीन मुद्दों के लिए लड़ना और अपने जीवन को अर्थहीन कर लेना, नासमझी ही है।

Wednesday, 6 June 2018

कुव्यवस्था

व्यवस्था विरोध जब व्यक्तिगत विरोध का रूप ले लेता है तब समाज में कुव्यवस्था व्याप्त हो जाती है।

शिक्षा व्यवस्था

कैरियर की महत्वाकांक्षा में बच्चों से उनका बचपन छीन लेना एक प्रकार की सामाजिक क्रूरता ही है।

Monday, 4 June 2018

अन्याय

अगर आप अन्याय के ख़िलाफ़ चुप हैं तो आप अन्याय के साथ ही हैं।

Sunday, 3 June 2018

आधी आबादी का सच

बेटी का जन्म किसी हीनता का परिचायक नहीं परंतु बेटियों के प्रति घृणित सामाजिक सोच एवं भयाक्रांत वातावरण की वजह से लोग बेटी के पवित्र जन्म को भी अपराध मानने लग जाते हैं|

Friday, 1 June 2018

Children

Invest on children instead of invest for children.

सृजन

सृजन अगर स्वयं के लिए हो तो वह स्वयं को भी समृद्ध करता है और लोक को भी अन्यथा रचना से दुनिया चाहे बदल जाए,रचनाकार नहीं बदल पाता|

जिंदगी

कुछ लोग जिंदगी में ऐसे होते हैं जिनसे मिलकर जिंदगी में जान आ जाती है वरना जिंदगी बेजान वक्त के सहारे कटती रहती है।

Thursday, 31 May 2018

दौर

आजकल अपनी उपलब्धियों से ज्यादा दूसरों की नाकामियां गिनाने का दौर है।

Wednesday, 30 May 2018

आत्मविश्वास

कई बार गरीबों को भोजन,आवास,सुविधाएँ देने से ज्यादा जरुरी आत्म विश्वास देना होता है ताकि सब कुछ वे अपने बलबूते हासिल कर सकें|

आत्मीयता

कई बार पशु में तो आत्मीयता जाग जाती है परंतु मनुष्य पत्थर बना रह जाता है।

प्रेम

आप किसी व्यक्ति से प्रेम करना छोड़ सकते हैं पर उससे प्रेम करने का हक नहीं छीन सकते।

Tuesday, 29 May 2018

प्रेम

खुद से प्रेम न कर पाना जीवन का व्यर्थ हो जाना है।

Sunday, 27 May 2018

सांविधानिक पद

किसी भी सांविधानिक पद का माखौल उड़ाना संविधान की मर्यादा एवं जन भावनाओं का मज़ाक उड़ाना भी है।

Sunday, 20 May 2018

दृष्टि


बड़ी शिक्षा और छोटी दृष्टि से कहीं बेहतर है छोटी शिक्षा और बड़ी दृष्टि|

Thursday, 17 May 2018

सम्मान

जिस समय आप किसी का अपमान कर रहे होते हैं उस समय आप अपना सम्मान भी खो रहे होते हैं।

Wednesday, 16 May 2018

न्याय-अन्याय

न्याय-अन्याय का फासला इतना भर है कि खुद के हित में हो तो न्याय दूसरे के हित में हो तो अन्याय।

राजनीति

सत्ता की मादकता में धृतराष्ट्र बन जाना ही राजनीति की सबसे बड़ी कमज़ोरी है।

Tuesday, 15 May 2018

चुनाव

चुनाव कोई भी जीते जनता हारती ही है।

स्वभाव

कई बार चेहरे को देखकर हम स्वभाव परखना भूल जाते हैं जबकि परखना स्वभाव चाहिए चेहरे को भूलकर भी

Monday, 14 May 2018

खुशियाँ

कई बार बड़े घर में भी खुशियाँ उदास हो जाती हैं इसलिए घर बेशक छोटा हो पर खुशियाँ बड़ी होनी चाहिए।

Sunday, 13 May 2018

आवाज

कोई न सुने तब भी बोलना जरूरी है खुद की आवाज को खोने से बचाए रखने के लिए।

प्रतिभा

स्वयं की प्रतिभा की उपेक्षा करना स्वयं का अपमान ही है।

Sunday, 6 May 2018

दृष्टि

समाज में अमूमन दो ही दृष्टि प्रचलित है एक देव दृष्टि और दूसरी दानव दृष्टि। जिसे हम देव दृष्टि से देखते हैं उसके दानत्व को भूल जाते हैं और जिसे दानव दृष्टि से देखते हैं उसके देवत्व को भूल जाते हैं।

Monday, 30 April 2018

ईमानदार

ईमानदार बने रहने का एक ख़तरा यह भी है कि आप अकेले पड़ जाते हैं।

Saturday, 28 April 2018

प्रेम

उसके अंदर प्रेम मर जाना मेरे प्रेम का अंत नहीं।

Saturday, 21 April 2018

व्यक्तित्व

जीवन की हर परीक्षा में सफल होने की क़ाबलियत ही आपके व्यक्तित्व को ऊंचाई प्रदान करती है। 

Thursday, 19 April 2018

जीवन

जीवन सही और ग़लत का समुच्चय है। टूटकर बिखकरने से बेहतर है, बिखरकर बार-बार जुड़ जाना।

Tuesday, 17 April 2018

रिश्ते

कुछ रिश्ते पहाड़ की तरह होते हैं अगर आप उस रिश्ते के पार देखने की क्षमता नहीं रखते हैं तो आप उस रिश्ते को खो देते हैं।

Monday, 16 April 2018

धैर्य

कई बार धैर्य वो काम कर देता है जो बल कभी नहीं कर सकता।

Friday, 13 April 2018

संवाद

व्यक्ति वही होता है बस उससे संवाद के मायने बदल जाते हैं।

Thursday, 12 April 2018

विरोध

आज के परिवेश में विरोध मुद्दों एवं विचारधाराओं के लिए नहीं बल्कि दूसरे को नीचा गिराने के लिए हो रहा है इसलिए दूसरे की अपेक्षा स्वयं बड़ी लाइन खींचने की गुंजाइश ही खत्म हो गई है।

Wednesday, 11 April 2018

मंजिल

कई बार आप मंजिल तो पा लेते हैं पर मंजिल तक पहुंचाने वाले लोग खो जाते हैं।

Tuesday, 10 April 2018

वक्त

जब आप कठोरतम वक्त का सामना कर लेते हैं तब जीवन आसान हो जाता है।

Monday, 9 April 2018

संबंध

जब किसी व्यक्ति और गुणवत्ता के चयन के बीच संबंध आ जाता है तब अक्सर वह गुणवत्ता पर हावी हो जाता है।

Sunday, 8 April 2018

धन

कई बार अथाह धन कमाने के वाबजूद हम निर्धन रह जाते हैं क्योंकि उस धन को कमाने में हम अपना सम्मान खो देते हैं।

शाश्वत विजय

शाश्वत विजय तभी है जब पूरे संसार का अंधेरा मिलकर भी आपके मन के उजाले को नहीं मिटा सके।

Friday, 6 April 2018

माफ़ी

किसी की गलतियों को उसके माफ़ी मांगने की बजाय स्वयं माफ़ कर देने से दिल में कभी गांठ नहीं पड़ती।

Tuesday, 3 April 2018

आंदोलन

कोई भी आंदोलन जब संवेदनहीन हो जाता है तब अपनी विश्वसनीयता खो देता है।

Thursday, 29 March 2018

एहसास

कभी-कभी जिंदगी में छोटेपन का एहसास ही आदमी को बड़ा बना देता है।

Wednesday, 28 March 2018

दीपक

हज़ार अंधेरों के साथ घिरे रहने से बेहतर है एक दीपक का साथ बने रहना जिससे कि जीवन पथ पर चलने का हौसला बना रहे।

बचपन

बचपन दिल में हमेशा जवान रहता है।

Wednesday, 28 February 2018

बड़प्पन

अपने से छोटे के समक्ष झुक जाना बड़प्पन एवं तन जाना छोटेपन की निशानी है।

Tuesday, 30 January 2018

व्यवस्था विरोध

व्यवस्था विरोध अक्सर व्यक्तिगत विरोध में तब्दील हो परस्पर आरोप-प्रत्यारोप एवं घृणा का शिकार हो जाता है एवं अपना मूल अर्थ खो देता है।

Saturday, 20 January 2018

मॉडर्न

पंख काटकर कोई चिड़िया महफ़िल में थिरकने लगे तो यह मॉडर्न हो जाना नहीं बल्कि अपने जड़ों से कट जाना है।

तेज

जब सूरज छोटे-छोटे चिरागों से उलझने लगता है तब अपना तेज खो देता है।

Friday, 19 January 2018

मुद्दे

मुद्दे अफ़ीम की तरह हो गए हैं । जनता को नशे की तरह आंदोलित करते हैं और फिर जेहन से उतर जाते हैं।

Thursday, 18 January 2018

नाकामयाबी

कई बार वक्त के किसी ख़ास मुक़ाम पर लोग अपनों के लिए अनजान बन जाते हैं और  बदलते वक्त में वे अपनों की निग़ाह में अनजान हो जाते हैं। इस तरह तमाम क़ामयाबी के बाद भी लोग अपने जीवन में ही नाकामयाब हो जाते हैं।

Wednesday, 17 January 2018

मनुष्यता

भ्रष्ट, लोलुप, बेशर्म होते संवेदनहीन समाज में मनुष्यता का चेहरा कुम्हला सा गया है।

Tuesday, 16 January 2018

संबंध

कई बार संबंधों को जोड़ते-जोड़ते हम खुद टूट जाते हैं पर संबंध नहीं जुड़ पाते।

Saturday, 13 January 2018

रास्ता

कई बार आपकी बात तो सही होती है पर अपनी बात कहने के लिए आप रास्ता गलत अख़्तियार कर लेते हैं और सही होते हुए भी ख़ुद को ग़लत साबित कर देते हैं।

Thursday, 11 January 2018

दुर्भाग्य

जिंदगी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि जो हमसे सबसे ज्यादा प्रेम करते हैं वे ही हमारे प्रेम के मोहताज हो जाते हैं।

अकेलापन

जब आप किसी एक संबंध के लिए अन्य संबंधों से समझौता कर लेते हैं और वो एक संबंध भी बेमानी साबित हो जाता है तब आप नितांत अकेलापन के शिकार हो जाते हैं।

Sunday, 7 January 2018

कसाई

बकरे की नज़र में कसाई तब तक महान बना रहता है जब तक कि दूसरे बकरे उसके सामने कटते रहते हैं और वह बचा रहता है।

Saturday, 6 January 2018

प्रेम

किसी से नाराज़ होना बुरा नहीं है बुरा यह है कि आप उसे फिर प्रेम करना भूल जाते हैं।

Friday, 5 January 2018

पहचान

नदी से नाराज़ होकर अलग होने वाले जलाशय अक्सर अपने अस्तित्व से कट जाते हैं और बारिश की बूंदों के मोहताज़ होकर अपनी  पहचान खो देते हैं।

Tuesday, 2 January 2018

नुमाइश

जब समाज सेवा कम और ढिंढोरा ज्यादा पीटा जाता है तब ग़रीबी भी नुमाइश की वस्तु बनकर रह जाती है।

ऊर्जा

कई बार हम रेत में पौधा रोप कर फूल खिलने की उम्मीद लगाए रहते हैं और अपना कीमती समय एवं ऊर्जा नाहक ही बर्बाद कर देते हैं।

Monday, 1 January 2018

आश्रित

जब आप किसी के ऊपर पूर्णत: आश्रित हो जाते हैं तो उसकी हाँथों की कठपुतली बन जाते हैं।

धन

धन चाहे सबके पास एक समान क्यों न हो उसकी कीमत सबके लिए अलग-अलग होती है।

असल

दिखावटीपन को सहज ढंग से जीवन का अंग बना लेने से असल की पहचान ही गुम हो जाती है।

प्रेम

प्रेम की खूबसूरती यह है कि वह बेशर्त एवं बेपनाह होता है और जहाँ शर्त एवं सीमाएं होती हैं वहाँ प्रेम नहीं होता।

विवेक शून्यता

किसी को पसंद-नापसंद करने की आपकी व्यक्तिगत सोच-समझ पर जब दुनियावी प्रवृति हावी होने लगती है तब आप अपनी विवेक शून्यता की ओर अग्रसर होने लगते हैं।

सच

कई बार सच इतना कड़ुआ होता है कि वह ताउम्र फासले की वजह बन जाता है।

बाजी

कई बार आपको अपने सबसे कमजोर साथी पर ही सबसे ज्यादा भरोसा करना पड़ता है क्योंकि वही उस वक्त हारी हुई बाजी पलटने में सक्षम होता है।