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Tuesday, 24 February 2015

इंतजार

जैसे किताबें घर में रहकर अपने पढने का इंतजार करती हैं वैसे ही मैं पास रहकर इंतजार करता रहता हूँ कि तुम कभी वक्त निकालकर मुझे पढ सको |

Saturday, 14 February 2015

मापदंड

मापदंड पद का नहीं व्यक्ति का होना चाहिए क्योंकि संवेदनशीलता का संबंध पद से नहीं व्यक्ति से है और व्यक्तित्व की गरिमा स्थायी है जबकि पद का वैभव अस्थायी| व्यक्ति संवेदनशील हो तो पद और व्यक्तित्व दोनों एक दूसरे को गौरवान्वित करते हैं अन्यथा व्यक्तित्व की गरिमा के अभाव में पद छूटते ही व्यक्ति की साख खत्म हो जाती है| 

क्षमा

जितना हम नफरत करना सीखते हैं उतना अगर क्षमा करना सीख जाएँ तो जीना आसान हो जाए|

प्रेम

नफरत के 364 दिन पर प्रेम का 1 दिवस बहुत भारी होता है और प्रेम अगर खुद के दिल में उतर जाए तो जिंदगी के अँधेरे उजाले में यूँ ही बदल जाते हैं|

Friday, 13 February 2015

उपहास

दूसरों का उपहास उड़ाते-उड़ाते व्यक्ति स्वयं उपहास का पात्र बन जाता है|

विचार

संबंध विचारों का होता है,विचार बदलने से संबंध भी बदल जाते हैं |

Tuesday, 10 February 2015

नेता

जो नेता जनता से दूर रहते हैं उन्हें जनता सत्ता से दूर कर देती है|

Saturday, 7 February 2015

पार्टियाँ

पार्टियाँ अपने अहंकार एवं आंतरिक कलह से ही हारती हैं तथा जनता के प्रेम व विश्वास से ही विजय हासिल करती हैं| 

मेढक

मेढक जिस कुएं में जाते हैं उस कुएं के अनुसार भाषा-बोली बदल लेते हैं परंतु साँपों का आहार बनने से खुद को रोक नहीं पाते हैं|

Friday, 6 February 2015

दलित का ब्राह्मणवाद

जीतन राम मांझी का यह बयान शर्मनाक कहा जाना चाहिए कि 'दलित की वजह से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश हो रही है|' यह जातीय भावनात्मक खेल बड़े पद पर बैठा कोई व्यक्ति खेलता है तो वह भी अपने अहम के आधार पर उसी ब्राह्मणवाद का समर्थन कर रहा होता है जो यह मानता है कि सर्वोच्च पर सिर्फ उसका ही अधिकार है| 

राजनीतिक साहस

धार्मिक आधार पर बुखारी का समर्थन मना करने का राजनीतिक साहस आम आदमी पार्टी जैसी छोटी पार्टी कर सकती है पर डेरा सच्चा सौदा का इसी आधार पर समर्थन न लेने साहस भारतीय जनता पार्टी जैसी बड़ी पार्टी क्यों नहीं कर पाती है| जो चुनाव जातीय,वर्गीय  एवं स्वार्थपूर्ण गुटबंदी के आधार पर लड़ा जाए उसे निष्पक्ष कैसे कहा जा सकता है?

वैचारिक स्वच्छता

इस बार का दिल्ली चुनाव प्रचार ऐतिहासिक रहा| 70 सीटों वाली छोटी विधानसभा के लिए ताबड़तोड़ प्रचार,महंगे प्रचार माध्यम एवं मीडिया के जरिए ऐसा प्रतीत हुआ कि चुनाव मोदी बरक्स केजरीवाल के बीच न होकर भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहा हो| स्वच्छता की दुहाई देने वाले लोग अपने संबोधनों में सारी मर्यादाएं तोड़ते नजर आए| इस देश में स्वच्छता अभियान चलाए जाने से ज्यादा जरुरी है वैचारिक स्वच्छता स्थापित की जाए|

असीम आनंद

असीम आनंद के समंदर में क्रोध,नफरत की नदियां समां जाती हैं एवं क्रोध,नफ़रत के समंदर में असीम आनंद के पल विलुप्त हो जाते हैं|

Monday, 2 February 2015

आंधियां

आँधियों से चिराग बेशक कमजोर हो पर उजाला चिराग से ही होता है,आंधियां ताकतवर कितनी भी हो पर उजाड़ना ही उनका स्वभाव होता है|

Sunday, 1 February 2015

अभाव

अभाव की ओर देखते-देखते व्यक्ति संभावना एवं संपन्नता की ओर देखना ही छोड़ देता है|