जिंदगी छोटे लक्ष्यों व क्षणिक सुख के वशीभूत होकर जीने का नाम नहीं अपितु बड़े सार्थक लक्ष्यों एवं सीमित समय में स्वयं के असीमित मानवीय व प्रेमपूर्ण विस्तार का नाम है ।
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Saturday, 17 December 2016
नोट बंदी
नोट बंदी के बाद ए टी एम असुविधा, दो हज़ार के नोट से जुड़े प्रश्न, अपर्याप्त नए नोट की समस्या की वजह से उम्मीद से ज्यादा तक़लीफ़देह स्थिति जरूर है एवं व्यापक विरोध की वजह भी परंतु इस संबंध में भ्रष्टाचार विरोध मुहिम की वजह से एक आम स्वीकार्यता भी बढ़ रही है वाबजूद इसके सरकार की मंशा पर सिर्फ मीडिया रिपोर्ट के आधार संदेह किया जाना सार्थक नहीं लगता अगर इसका अंजाम गरीबों का सचमुच कल्याण करना साबित हो।
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