वातावरण बदलना ही महत्वपूर्ण है| प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय फलक पर हिंदी को पहचान दिलाकर अचानक ही खोई हुई अस्मिता को नई संजीवनी दी है और इस अस्मिता में अंग्रेजी के प्रति घृणा नहीं बल्कि हिंदी के प्रति स्वाभाविक प्रेम है,जो निश्चय ही फलीभूत होगा,ऐसा मेरा विश्वास है|
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Saturday, 27 September 2014
Sunday, 21 September 2014
लेखन
लेखन जब पुरस्कार, आलोचक व गुटबंदी के इर्दगिर्द केंद्रित हो जाता है तब अपनी सार्थकता खो बैठता है|
Monday, 15 September 2014
स्मृति की भाषा
आजादी से लेकर अब तक हिंदी के बारे में अधिकांश शीर्ष स्तर के सरकारी, राजनीतिक, बुद्धिजीवी, जिम्मेदार व प्रभावशाली लोगों के वक्तव्य व संदेश का मूल भाव समय-समाज के तर्क एवं यथार्थ से दूर हिंदी के दिवास्वप्न से जुड़ी आशा एवं हिंदी भाषा के पारंपरिक भावना से प्रेरित है| शायद इसलिए भी हिंदी सशक्त होने के बावजूद साजिश के तहत याचना की भाषा एवं वर्ष में एक बार स्मृति की भाषा में तब्दील होती जा रही है,जो कि गहरी चिंता व विमर्श का विषय है|
Wednesday, 3 September 2014
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