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Sunday, 21 May 2017

साहित्य

साहित्य व्यक्ति की संवेदना का विकास कर उसे मनुष्यता के करीब लाता है और मनुष्यता का मूल्य सभी सामाजिक मूल्यों में सर्वोपरि एवं अर्थपूर्ण है।

प्रतीकात्मक सम्मान

महापुरुषों की प्रतिमा का सम्मान एक प्रतीकात्मक सम्मान है परंतु महापुरुषों के उच्च विचारों का सम्मान उनके प्रति सच्ची श्रद्धा व विश्वास है।

जिम्मेदारी

हर जिम्मेदारी अपने तरीके का सुख और दुःख दोनों लेकर आती है।

संबंध

संबंध को सीमित दायरे में देखना ही बंधन है अन्यथा वक्त की निरंतरता में यही संबंध प्रगाढ़ता का पर्याय बन जाता है।

उपलब्धि

जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मनुष्य हो जाना है क्योंकि कई बार लोग बड़े-बड़े पद तो पा लेते हैं परंतु मनुष्यता खो देते हैं।

अनुयायी

अमूमन व्यक्ति अपनी विचारधारा से ज्यादा दूसरे से व्यक्तिगत संबंधों का सम्मान करने लगता है और अपनी स्वयं की दृष्टि खोकर अनुयायी बन जाता है।

सहृदयता

संबंधों की सहृदयता परस्पर प्रेम एवं द्वेष से परे ममत्व प्राप्त कर लेना है।

आभासी दुनिया

आभासी दुनिया में बहुत कुछ पाकर भी खुद को खोने की संभावना ज्यादा है।

असीम

असीम की भी एक सीमा होती है। अपने अनुभव व ज्ञान दृष्टि से हम अपने लक्ष्य तय कर पाते हैं।

माँ-पिता

माँ-पिता के आशीर्वाद से जीवन में सब कुछ है बस उनके लिए समय नहीं है।

प्रसन्नता

प्रसन्नता का संबंध पद-प्रतिष्ठा, धन-दौलत से कहीं ज्यादा मनःस्थिति से है और अच्छी मनःस्थिति के लिए प्रेम, शांति व संतुष्टि का भाव आवश्यक है।