जीतन राम मांझी का यह बयान शर्मनाक कहा जाना चाहिए कि 'दलित की वजह से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश हो रही है|' यह जातीय भावनात्मक खेल बड़े पद पर बैठा कोई व्यक्ति खेलता है तो वह भी अपने अहम के आधार पर उसी ब्राह्मणवाद का समर्थन कर रहा होता है जो यह मानता है कि सर्वोच्च पर सिर्फ उसका ही अधिकार है|
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