समय समाज
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Thursday, 18 January 2018
नाकामयाबी
कई बार वक्त के किसी ख़ास मुक़ाम पर लोग अपनों के लिए अनजान बन जाते हैं और बदलते वक्त में वे अपनों की निग़ाह में अनजान हो जाते हैं। इस तरह तमाम क़ामयाबी के बाद भी लोग अपने जीवन में ही नाकामयाब हो जाते हैं।
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