लालू-नीतीश का गठबंधन स्वाभाविक नहीं बल्कि अवसरवाद एवं मज़बूरी की राजनीति है जिसमें जनता हासिए पर है और लालू-नीतीश का हित सर्वोपरि| यही कारण है कि लालू-नीतीश के करिश्माई नेता होने के बावजूद जनता में इसका असर कम है| यह अलग बात है कि आने वाले समय में बीजेपी की गलतियों का लाभ लालू-नीतीश कितना उठा पाते हैं |यह देखना भी दिलचस्प होगा|
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