भारतीय राजनीति मन, वचन, कर्म द्वारा विपक्षी नेता एवं दल को निम्नतर साबित करने के लिए भावनात्मक व षड्यंत्रकारी तरीके अपनाने का खेल बन गई है,जिसका एक मात्र उद्देश्य मूल्यों से समझौता करते हुए गलाकाट प्रतियोगिता में स्वयं को जिलाए रखना एवं विरोधी आवाज को कुचलना भर बन कर रह गया है|
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