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Monday, 19 January 2015

सत्ता लोलुप नेता

सत्ताधारी दल से दिल नहीं मिलने वाले नेता कई बार स्व हित में सत्ताधारी दल को लोभवश अपना लेते हैं| ऐसे में सत्ताधारी दल को भी चाहिए कि अपने पुराने सहयोगियों को दरकिनार कर नए चेहरों को ज्यादा तवज्जों न दे|  जितना लाभ आयातित नेताओं से नहीं होता उससे ज्यादा भीतरघात से नुकसान हो जाता है एवं कई बार आंकड़ों की जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दों की जीत होती है,जिससे पार्टी व जनता दोनों का भला होता है| 

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