समय समाज
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Friday, 23 January 2015
दुःख-सुख
जीवन के कुछ दुःख अनहोनी सुख की पटकथा लिख रहे होते हैं, परंतु वक्त के थपेड़ों में पड़कर कुछ दुःख, सुख की अनुभूति से पहले ही दम तोड़ कर जीवन को नया अर्थ भी दे जाते हैं|
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