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Friday, 1 August 2014

अच्छे दिन

अच्छे दिन सरकार के आए हैं जनता के नहीं| जनता को शोषण,महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अत्याचार एवं अस्थिर वक्त की अंधी सुरंग में धकेल दिया गया है जहाँ अच्छे दिन के सपने आ सकते हैं पर अच्छे दिन नहीं | हाँ एकाध रोशनी टिमटिमाकर अच्छे दिन का आभास करा जाए तो ये और बात है| 

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