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Thursday, 14 August 2014

चाय वाले की हैसियत व रुतबा

ऐसे समय में जब राजनीतिक अपच के शिकार एकांगी विचारधारा के लोग उजाले में भी अँधेरे तलाशने के आदि हो गए हों और पिछली सरकार की खामियों को भूलकर नई सरकार के माथे सी सबकुछ मढने को आतुर हों| उनके लिए प्रधानमंत्री जी का साहस व संकल्प भरा मौखिक संदेश बेचैनी पैदा करने वाला है | शब्द लिखे हों या मौखिक असर पैदा करते हैं बशर्ते उस शब्द के पीछे का चेहरा आस पैदा करता हो और काफी समय बाद आज लालकिला अपने रंग में दिखा| मुझे पूरा विश्वास है दुनिया में इस कदम का सकारात्मक प्रभाव जाएगा और प्रधानमंत्री जी के कहे को सरकार सच साबित कर पाई तो अगला 15 अगस्त नई उपलब्धियों से गौरवान्वित हो सकता है| चाय वाले की हैसियत व रुतबा आक्सफोर्ड से बढ़कर भी दिखी| 

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