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Saturday, 2 August 2014

प्रेमचंद

प्रेमचंद शोषित जनों के मुखर आवाज थे| दुनिया को प्रेमचंद ने आम जन के सुख-दुःख को देखने का नया नजरिया दिया | आज प्रेमचंद जैसी संवेदना व प्रभाव पैदा करने वाले रचनाकार नहीं हैं| इसलिए भी गरीबों के प्रति समझ कम हो गई है| 

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