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Sunday, 13 August 2017

मानवीयता

यह भ्रम है कि उच्च पद की अनिवार्य विशेषता मानवीय होना भी है| मानवीयता स्वयं का सृजित गुण है जो संकीर्णता के बरक्स व्यापकता लाती है, न्यूनतम में भी संतुष्टि का भाव उत्पन्न करती है,स्वयं एवं पर से स्वार्थ रहित प्रेम करना सिखाती है|

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