समय समाज
Translate
Sunday, 13 August 2017
कवि
कवि होना धर्म,संप्रदाय,सीमा एवं वक्त से परे मानवीय होना है| कवि की दृष्टि की संपूर्णता में सृष्टि समाहित है| कवि का कथ्य आत्म कथ्य है| कवि का दायित्व घनघोर अँधेरे एवं तूफान में इंसानियत की लौ की रक्षा करना है|
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment