समय समाज
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Thursday, 23 October 2014
सार्थकता
जीवन की सार्थकता स्वयं से मांगने एवं दूसरों को देने में है| स्वयं के प्रकाश से दूसरे के अँधेरे को मिटाने में है| दीपोत्सव आपको सामर्थ्यवान एवं परिपूर्ण बनाए,ऐसी शुभकामना है|
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