समय समाज
Translate
Friday, 1 December 2017
आलोचना
जनता द्वारा चुनी हुई सरकार की सार्थक आलोचना की बजाय उसके प्रति घृणित विचारधारा रखना व्यक्तिगत कुंठा की पराकाष्ठा एवं जन भावनाओं का अपमान है।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment